Friday, January 21, 2022

संप्रेषण की परिभाषा / SMPRESHN ki pribhasha / महत्वपूर्ण ABJECTIVE QUESTION

                        संप्रेषण की परिभाषा / SMPRESHN ki  pribhasha 


                 संप्रेषण शब्द की उत्पति लैटिन शब्द के शब्द (cammunies) से हुआ है | संप्रेषण एक प्रोसेस है जिसके अन्तर्गत दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच मौखिक, लिखित,सांकेतिक या प्रतीकात्मक माध्यम से विचार एवं सूचनाओं के प्रेषण की प्राक्रिया है | संप्रेषण हेतु संदेश का होना आवश्यक है | संप्रेषण में पहला पछ प्रेषक (सन्देस भेजने वाला) तथा दूसरा पछ प्रेषनी (संदेश प्राप्त करनेवाला) होता है | संप्रेषण उसी समय पूर्ण होता है जब संदेश मिल जाता है | और इसकी स्वीकृति या प्रत्युत्तर दिया जाता है |

                      बिभिन्न विद्वानों के अनुसार संप्रेषण की परिभाषा निम्न प्रकार से है –

               होलैंड के अनुसार – संप्रेषण वह शक्ति है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति विशेष संप्रेषण, उद्दीपक को इस प्रकार प्रेषित करता है कि वह दुसरे व्यक्तियों के व्यवहार को परिमार्जित कर देता है |

            जिष्ट के अनुसार – जब किसी सामाजिक प्रक्रिया के अन्तर्गत प्रतीकों के माध्यम से किसी आशय को प्रेषित करने का प्रयास किया जाता है तो उसे संप्रेषण कहते हैं |

           हरवलैंड के अनुसार – सम्प्रेषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति विशेष संप्रेषण के व्यवहार को सामान्यत: शाब्दिक प्रतीकों द्वारा परिमार्जित करता है | 


                महत्वपूर्ण ABJECTIVE QUESTION - -

इस वीडियो से सुनिए --


(1)  संप्रेषण शब्द की उत्पत्ति किस भाषा (cammunies) से हुआ है

      - ANS-  लैटिन भाषा |

(2) संप्रेषण एक प्रोसेस है जिसके अन्तर्गत कितने व्यक्तियों के बीच मौखिक, लिखित,सांकेतिक या प्रतीकात्मक माध्यम से विचार एवं सूचनाओं के प्रेषण की प्राक्रिया है |

       – ans - दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच

 (3) किस विद्वान के अनुसार जब किसी सामाजिक प्रक्रिया के अन्तर्गत प्रतीकों के माध्यम से किसी आशय को प्रेषित करने का प्रयास किया जाता है’ तो उसे संप्रेषण कहते हैं |

      - ans -  जिष्ट

(4) संप्रेषण शब्द की उत्पत्ति किस शब्द (cammunies) से हुआ है

     – ans -  cammunies

  (5) किस विद्वान् के अनुसार “संप्रेषण वह शक्ति है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति विशेष संप्रेषण, उद्दीपक को इस प्रकार प्रेषित करता है कि वह दुसरे व्यक्तियों के व्यवहार को परिमार्जित कर देता है |”

          - ans -  होलैंड के अनुसार

     (6) किस विद्वान् के अनुसार – सम्प्रेषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति विशेष संप्रेषण के व्यवहार को सामान्यत: शाब्दिक प्रतीकों द्वारा परिमार्जित करता है |

           - ans - हरवलैंड के अनुसार

 






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