सम्प्रेषण का महत्त्व
सम्प्रेषण में
विचारों का आदान-प्रदान होता है | अत: इसके महत्त्व को निम्न तथ्य से
जाना जा सकता है –
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सम्प्रेषण का महत्त्व के
तथ्य - ·
व्यवसाय
को प्रोत्साहन ·
श्रम
में गतिशीलता ·
सामाजिकरण ·
समन्वय
एवं नियन्त्रण ·
कार्यनिष्पादन
में कुशलता ·
आपातकाल
में सहायक ·
समुंद्री
तथा हवाई /वायु यातायात ·
शिक्षा
का प्रसार ·
विज्ञापन · पेशेवर लोगों के लिये सहायक |
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· व्यवसाय को प्रोत्साहन – सम्प्रेषण से काम समय में
ज्यादा काम संभव हो गया है और घरेलू एवं विदेशी व्यापर में वृद्धि हुई |व्यापारी
घर बैठे ही सौदे कर सकते हैं | पुच्छ्ताछ कर सकते हैं |आदेश दे सकते हैं
|स्वीकृति भेज सकते हैं |
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· श्रम में गतिशीलता – सम्प्रेषण के आसान साधनों से
दुरी के दुःख दर्द कम हो गये हैं, परिवार व मित्रों से निरन्तर सम्पर्क बनाये रख
सकते हैं | इस लिये लोग काम धंधे के लिये अब आसानी से दूर जाने लगे हैं |
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· सामाजिकरण – सम्प्रेषण के विविध साधनों से लोग अपने
संगे-सम्बन्धी, मित्रों, परिचितों से नियमित रूप से संदेशों का आदान-प्रदान करते
हैं | इसमें आपसी सम्बन्ध, प्रगाढ़ हुए हैं और समाजीकरण बढा है |
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· समन्वय एवं नियन्त्रण – व्यावसायिक गृहों एवं सरकार के
कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर स्थित होते हैं |तथा एक ही भवन के अन्दर कई विभाग
हो सकते हैं | उनके बीच प्रभाव सम्प्रेषण उनके कार्यों में समन्वय स्थापित करने
तथा उनपर नियन्त्रण रखने में सहायक होता है |
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· कार्यनिष्पादन में कुशलता – प्रभावी सम्प्रेषण का
कार्य निष्पादन में श्रेष्ठता लाने में बड़ा योगदान होता है | व्यावसायिक इकाई
में नियमित सम्प्रेषण के कारण दूसरों से ऐच्छिक सहयोग प्राप्त होता है क्योंकि
वह विचार एवं निर्देशों को भली-भांति समझते हैं |
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· आपातकाल में सहायक – यदि कोई दर्घटना घटित हो जाय
या आग लग जाय तो आधुनिक संचार माध्यमों की सहायता से तुरंत सहायता माँगी जा सकती
है या सहायता प्राप्त हो सकती है |
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· समुंद्री तथा हवाई /वायु यातायात – संचार
माध्यम समुंद्री जहाज तथा हवाई जहाज की सुरक्षित यात्रा के लिए बहुत सहायक रहते
हैं क्योंकि इनका मार्गदर्शन एक स्थान विशेष पर स्थित नियन्त्रण से प्राप्त
संप्रेषण द्वारा किया जाता है |
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· शिक्षा का प्रसार – शिक्षा सम्बन्धी अनेक
कार्यक्रम रेडियो द्वारा प्रसारित किये जाते हैं और टेलीफोन पर दिखाए जाते हैं |
यह प्रणाली व्यक्तिगत अध्ययन के स्थान पर विधार्थियों को शिक्षा देने की एक अधिक
लोकप्रिय प्रणाली बन चुकी है |
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· विज्ञापन – रेडियो तथा टेलीफोन जन साधारण से संवाद के
साधन है तथा व्यावसायिक कामों के लिये विज्ञापन के महत्त्वपूर्ण माध्यम है
क्योंकि इनके द्वारा बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँचा जा सकता है |
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· पेशेवर लोगों के लिये
सहायक – वकील अलग-अलग कोर्ट में जाते हैं जो दूर-दूर स्थिर होते हैं |
डाक्टर कई नसिंग होम में जाते हैं और चार्टर्ड एकाउंटेंट कम्पनियों के
कार्योलयों में जाते हैं | मोबाईल टेलीफोन से उन्हें अपना कार्यक्रम निर्धारित
करने में तथा उसमें आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने में सहायता मिलती है |
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इस प्रकार सम्प्रेषण से आज सामान्यतया समाज
और मनुष्य के बीच व्यवसाय को प्रोत्साहन, श्रम में गतिशीलता, सामाजिकरण,
समन्वय एवं नियन्त्रण, कार्यनिष्पादन में कुशलता, आपातकाल में सहायक, समुंद्री तथा
हवाई /वायु यातायात, शिक्षा का प्रसार, विज्ञापन, पेशेवर लोगों के लिये बिभिन्न
कार्यों में सहायक सिद्ध हुई है |
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