भक्तिकाव्य : हिन्दी साहित्य का स्बर्ण
. - रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार भक्तिकाल का समयावधि 1375 से संवत् 1700 तक (1318 ई० से 1643 ई० तक)
• भारतबर्ष में भक्ति का उदय ईसाई धर्म की गरिमा का अहंकार है – कथन है – यूरोपीय विद्वानों का
| • भक्ति आंदोलन को ईसाई यत की देन माननेवाले – जाँज ग्रिर्यसन
- दक्षिण भारत में भक्ति आन्दोलन में कितने आलवर संत कवि थे – 12
- दक्षिण भारत के महिला भक्ति आन्दोलन के संत का नाम – आन्दल -
निर्गुण धारा के प्रवर्तक भक्त आचार्य – नामदेव
- हिन्दी में भक्ति साहित्य की परम्परा की शुरुआत – नामदेव से
- भक्ति का सर्बप्रथम उल्लेख किस ग्रन्थ में है – श्वेताश्वेतर उपनिषद
- ‘भक्ति’ शब्द की व्युत्पति ‘भज्’धातु से माना जाता है – मोनियर विलियम्स
- भक्तिकाल का समय – 14 वी० शती के मध्य से 17 वी० शती के मध्य तक
- मराठी भाषा में अभंगों के रचनाकार – नामदेव
अन्य लेख - भक्तिकाव्य हिन्दी साहित्य का स्वर्ण