Wednesday, April 14, 2021

चैत महीना का महत्व चैत महीना की फलाफल चैत महीना भारतीय वर्ष का पहला कैलेंडर महीना

 

 चैत चैत महीना की पूजा में भक्तों द्वारा नृत्य करते हुए


चैत महीना  कि प्रारंभ

 चैत महिना मार्च फरवरी 9 अप्रैल को प्रारंभ होती है एवं माने तो इससे सरस्वती पूजा के 25 में 3 से प्रारंभ होती हुई यह महीना चित्रा नक्षत्र में पड़ने के कारण चैत कहा जाता है इस चैत महीना को बसंत ऋतु का अंत और ग्रीष्म ऋतु की प्रारंभ मानी जाती है इस महीना प्रकृति हरा भरा और सुख भाई ने मालूम पड़ती है

चैत महीना को भक्तों को प्राप्त फलाफल 

इसी महीना प्रकृति अपने हरी भरी गोद के लिए अग्रसर होती है अतः भक्त भी प्रकृति की पूजा सीप के माध्यम से करते हुए अपने जीवन को हरा भरा रानी खुशहाली जीवन की कामना करते हैं 


चैत महीना में भक्तों द्वारा अन्य भक्तोंं के भक्ति की  धाराप्रवाह करते हुए 

चैत महीना पुरुष और स्त्री के लिए फल देने हमें मालूम है कई कई संस्कृतिक धाराएं पुरुष और स्त्री के लिए  समान रुप की पर्व और त्योहार हैं सांस्कृतिक पर्व और त्योहारों में चैत महीना का पर्व भी स्त्री और पुरुष के भक्तों के लिए समान फल देनी है अतः स्त्री और पुरुष समान रूप से इस पर्व की आराध्य करते हैं

पुरुष भक्तों द्वारा चैत महीना में शिव भक्तों की आराध्य करते हुए





अमीर खुसरो के दोहे, मुकरियाँ और गीत /amir khsro ke dohe mukriyan or geet

                                         अमीर खुसरो के दोहे, मुकरियाँ और गीत   1.      एक नार किया -----------------------------------...