पर्यावरण के सामाजिक मुद्दे
- विश्व के प्रथम पर्यावरण सम्मेलन स्टाकहोम, 1972 ई में ,
- वनों को कृषि की माँ कहा जाता है !
- नवनीकरन संसाधन- वन, घास, जल, मृदा, आदि हैं,
- अनविनिकरण संसाधन – खनिज आदि,
- ऊर्जा का प्रधान स्रोत सूर्य है, सौर ऊर्जा का सर्वाधिक संग्रह वनस्पतियाँ करती है
- , पारम्परिक ऊर्जा स्रोत जैसे – कोयला, गैस, बिजली, और लकड़ी आदि,
- गैर पारम्परिक ऊर्जा स्रोत – सूर्य प्रकाश, हवा, परमाणु, खनिज, भूपत, बायोगैस आदि !
- भारत की समुद्रीय तापीय
कुल उर्जा -20000 किलोवाट है |
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अम्लीय वर्षा – इसकी खोज सर्वप्रथम राबर्ट अंगुस स्मिथ ने की, वातावरण में सल्फर और नाईट्रोजन के आंसाइड भाग लेते हैं, त्वचा-कैंसर, नेत्र रोग, ऐतिहासिक इमारतों, आदि के क्षरण का कारण है,इंग्लैंड तथा फ्रांस का
प्रदुषण स्वीडन में अम्लीय वर्षा का कारण है,
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पारे से मिनीमाता, लेड अथवा सीसा से पेचिस, लकवा और पीतल या ताँबा से इन्डियन चाईल्डहुड सिरोसिस नामक रोग होता है !सिलिकन से सिलकोसिस रोग होता है ! चीड़ के पेड़ मिट्टी से
बेरेलियम, ऐसेडियम,वैनेडियम को,वंजुल वृक्ष सीसे को, हैयुमौनिएस्त्रम वनस्पति
तांबे एवं कोबाल्ट को, ब्लाप्सी रोटणडीफोलिया
जस्ते एवं सीसे को, सेम मटर मालिब्देनम को, डयूनेलिया आर्सेनिक को सोखता है,
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वायुमण्डल की मण्डल का
ओजोन स्तर सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करके पृथ्वी के जीवों की
रक्षा करता है, हाल के वर्षों में लगभग 2% मोटाई में कमी आई है जिससे कैंसर भी है, पृथ्वी के तापमान में बडोत्तरी हुई है, हमारे वायुमंडल में
प्रमुख प्राकृतिक ग्रीनहाउस गैस तथा कार्बन डाईआक्साइड है |
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स्मोग शब्द का अर्थ है – धुँआ और कूहरा का मिश्रण, PAN के निर्माण में प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया द्वारा O3 NO3 व ALDEHYDE आदि भाग लेते हैं, यह मानव के फेफड़े को प्रभावित करता है, 10ppm सान्द्रता में ही पौधों
के कोशिकाएँ नष्ट होती है, सबसे अधिक प्रभावित
यूरोपीय देश हैं,
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ग्रीन हॉउस इफेक्ट का
अर्थ – पृथ्वी पर गैसों के जमाव के कारण पृथ्वी के
तापमान में वृद्धि, स्वचलित वाहनों में
गैसोलीन ईंधन के रूप में प्रयुक्त होता है, स्वचलित वाहनों के
प्रदूषक – सल्फर, कार्बन, नाईट्रोजन के आक्साइड, हाईद्रोकार्बन, कणिकीय पदार्थ और लैड
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केन्द्रीय सरकार ने 1985 में राष्ट्रीय बंजर भूमि विकास बोर्ड की स्थापना की, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 में लाया गया, वायु प्रदुषण बचाव रोकथाम
अधिनियम 1981, जल प्रदुषण निवारण एवम् नियन्त्रण अधिनियम 1974, जल (प्रदुषण निवारह एवं
नियन्त्रण) कर अधिनियम 1977, वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972, वन संरक्षण अधिनियम 1980
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