प्राकृतिक-संसाधन
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जिनसे मानव अपनी मौलिक और
सांस्कृतिक आवश्यकता की पूर्ति करती है वे सभी – ‘संसाधन’ कहलाते हैं !
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प्राकृतिक संसाधन में – सौर उर्जा, वायु, जल, भूमि, वनस्पति, पृथ्वी का ताप, जीवाश्म, इंधन, खनिज जन्तु और सूक्ष्म जीव स्स्दी शामिल है !
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पर्यावरण घटकों में जैविक
और अजैविक दो प्रकार के है !
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जैविक घटक जिसमें जीवन
होता है जैसे- पेड़-पौधे, वन, पशु, सूक्ष्म-जीव आदि
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अजैविक घटकों में जीवन
नहीं होता है जैसे – जल, वायु, उर्जा आदि
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प्राकृतिक संसाधनों के
उपयोग तथा उपलब्धता की दृष्टि से तीन प्रकार में विभाजित किया जा सकता है –
(1)
पुनर्जीवित होने वाले
संसाधन (renewable resource) जैसे – पेड़-पौधे, जीव-जन्तु, आदि
(2)
पुनर्जीवित न होने वाले
संसाधन (non-renewable resource) जैसे – खनिज (पेट्रोल, डीजल तेल) और जीवाश्म इंधन
(3)
कभी समाप्त न होने वाले
संसाधन – जैसे – सूर्य सौर विकिरण, चन्द्रमा का गुरुत्वाकर्षण, जल, वायु आदि !
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