प्राचीन-भारत का इतिहास
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प्राचीन-भारत का इतिहास ·
2 अंक उत्तरीय
प्रश्नोत्तरी (1)
पुरातत्ववेत्ताओं
ने संस्कृति शब्द का प्रयोग किस अर्थ में किया है ? उत्तर – पुरातत्ववेत्ताओं ने ‘संस्कृति’ शब्द का प्रयोग पुरातन वस्तुओं के ऐसे समूह के लिय किया है जो एक बिशिष्ट शैली के होते हैं और सामान्यत: एक साथ,एक बिशेष से सम्बद्ध होते हैं ! (2) हड़प्पा संस्कृति से क्या तात्पर्य है ? उत्तर - भारत के उत्तर – पशिचम क्षेत्र (सिन्धु घाटी)
में स्थित हड़प्पा नामक स्थान में उत्खनन के फलस्वरूप जो सभ्यता प्रकाश में आयी
उसे पुरातत्वविदों ने हड़प्पा सभ्यता या हड़प्पा संस्कृति का नाम दिया ! सिन्धु
घाटी क्षेत्र में स्थित होने के कारण इसे सिन्धु घाटी सभ्यता या सैन्धव सभ्यता के
नाम से भी संबोधित किया गया )
(3) हड़प्पा संस्कृति का काल क्या है ? उत्तर – इस सभ्यता का
काल का निर्धारण 2600 ई. पू. और 1900 ई. पू. के बीच किया गया है !
(4) हड़प्पा सभ्यता के संदर्भ में कौन –
कौन सी बिशिष्ट पुरावस्तु शामिल हैं ? उत्तर - हड़प्पा सभ्यता के संदर्भ में इन बिशिष्ट
पुरावस्तुओं में मुहरें,मनके,बाट,पत्त्थर के फलक और पकी हुई ईटें सम्मिलित हैं !
(5) हड़प्पा सभ्यता किस प्रकार की
सभ्यता थी ? उत्तर – हड़प्पा सभ्यता
एक शहरी सभ्यता थी ! इसके प्रधान नगर इस प्रकार हैं – हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, रोपड़,
कालीबंगा, लोथल,और बनावली !
(6) हड़प्पा सभ्यता को प्रस्तर
धातुयुगीन (chalcolithic) सभ्यता क्यों कहते हैं ? उत्तर – हड़प्पा सभ्यता
को प्रस्तर धातुयुगीन सभ्यता इसलिए कहते हैं कि इस काल में पत्थर के हथियारों के
साथ-साथ कांसे (bronze) के उपकरणओं का भी
प्रयोग होने लगा था !
(7) हड़प्पा सभ्यता को काँस्ययुगीन सभ्यता क्यों कहते हैं ? उत्तर – हड़प्पा निवासी
टिन और तांबा मिलाकर काँसा बनाने की कला जानते थे !काँसे के प्रयोग द्वारा
उन्होंने एक उच्चकोटि की सभ्यता का निर्माण किया था !इसलिए हड़प्पा संस्कृति को
काँस्ययुगीन संस्कृति भी कहते हैं !
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महाजनपद
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(1) छठी शताब्दी ई. पू. में सोलह
महाजनपदों का उल्लेख करें ! उत्तर – 1. अंग 2. मगध
3. काशी 4. कोशल 5.वज्जि 6.मल्ल 7.
चेदि 8. वत्स 9. कुरु
10. पंचाल 11. मत्स्य 12. सुरसेन
13. अश्मक (अस्सक) 14.
अवन्ति 15. गांधार 16. कम्बोज !
(2) महाजनपदों में प्रमुखत: किस प्रकार
की शासन व्यवस्था थी ? उत्तर – महाजनपदों में मुख्यत:दो
प्रकार के शासन व्यवस्था थी -1. राजतंत्रात्मक
2. गणतन्त्र (3) राजतंत्रात्मक राज्य शासन प्रणाली किसे कहते हैं ? उत्तर – जिसमे राजाओं
एवं उनके उतराधिकारीयों का शासन होता था ! राजतंत्रात्मक राज्य हैं – मगध. काशी.
कोशल, वत्स, अवन्ति, आदि !
(4) गणतन्त्र राज्य शासन प्रणाली किसे
कहते हैं ? उत्तर – गणराज्य से तात्पर्य वैसे राज्यों से है, जहाँ वंश परम्परा के
अनुसार कोई राजा नहीं बनता था, वरन प्रजा द्वारा निर्वाचित व्यक्ति शासन का
अध्यक्ष होता थ तथा राजा कहलाता था !
वज्जि, मल्ल, शाक्य, आदि थे ! |
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(1) अभिलेखशास्त्र किसे कहते हैं? उत्तर – अभिलेख के अध्ययन को
अभिलेखशास्त्र कहते हैं !
(2)
‘जनपद’ क्या है ?
उत्तर
- जनपद का अर्थ एक ऐसा भूखंड है जहाँ कोई जन (लोग, कुल,या जनजाति ) अपना
पाँव रखता है अथवा बस जाता है १एस शब्द का प्रयोग प्राकृत व संस्कृत दोनों में
इल्ता है !
(3)
ओलीगार्की या
समूहशासन किसे कहते हैं ? उत्तर -
जहाँ सत्ता पुरुष के हाथ में होती है ! रोमन गणराज्य में समूह शासन था !
(4)
अशोक के
अभिलेखों की भाषा और लिपि के बारे लिखे ! उत्तर -
अशोक के अभिकांश अभिलेख प्राकृत में है जबकि पशिचमोत्तर से मिले अभिलेख
अरामेइक और यूनानी भाषा में हैं ! प्राकृत के अधिकांश अभिलेख ब्राही लिपि में
लिखे गये थे जबकि पशिचमोत्तर के कुछ अभिलेख खरोष्टि में लिखे गये थे ! अरामेइक
और यूनानी लिपियों का प्रयोग अफगानिस्तान में मिले अभिलेखों में किया गया था !
(5)
गहपति क्या है ? उत्तर –गहपति घर का मुखिया होता था और घर
में रहने वाली महिलाओं, बच्चों,नौकरों और दासों पर नियन्त्रण करता था ! घर से
जुड़े भूमि, जानवर या अन्य सभी वस्तुओं का मालिक होता था !कभी –कभी इस शब्द का
प्रयोग नगरों में रहने वाले संभ्रांत व्यक्तियों और व्यापारियों के लिय भी होता
था ! (6) ‘अग्रहार’ क्या है ?
उत्तर – अग्रहार उस भू-भाग को कहते थे जो
ब्राह्मण को दान किया जाता था ! ब्राह्मणों से भूमिकर या अन्य प्रकार के कर नहीं
बसूले जाते थे !ब्राह्मणों को स्वयं स्थानीय लोगों से कर वसूलने का अधिकार था !
(7) ‘पेरिप्लस’ क्या है ? उत्तर – पेरिप्लस यूनानी भाषा का शब्द है
जिसका अर्थ समुद्री यात्रा है और एरीथ्रियन यूनानी भाषा में लाल सागर को कहते
हैं !
(8) ‘मुद्राशास्त्र’
क्या है ? उत्तर -
मुद्राशास्त्र सिक्कों का अध्ययन है !इसके साथ ही उन पर पाए जाने वाले
चित्र, लिपि आदि तथा उनकी धातुओं का विशलेषण और जिन संदर्भों में इन सिक्के को
पाया गया है, उनका अध्ययन भी मुद्राशात्र के अंतर्गत आता है !
(9) ‘चैत्य’ क्या है ?
उत्तर – शवदाह के बाद शरीर के कुछ अवशेष टीलों पर सुरक्षित रख दिए जाते थे ! अंतिम संस्कार से जुड़े ये टीले चैत्य के रूप में जाने गये ! (10) ’स्तूप’ किसे कहते हैं ? उत्तर -
जिन जगहों पर बुध्द से जुड़े अवशेष जैसे उनकी अस्थियाँ या उनके द्वारा
प्रयुक्त सामान गाढ़ दिए गए थे !इन टीलों को स्तूप कहते हैं !
(11) ‘कुषाण’ कौन थे ?
उत्तर – मध्य एशिया से भारत में आक्रमण करने
वाली जातियों में हैं !ये सबसे प्रसिध्द तथा अधिक समय तक शासन करने वाली और सबसे
शक्तिशाली शासकों में थे !इनकी जाति यू-ची थी ! कडफिसस तथा कनिष्क दोनों राजवंश कुषाण ही थे !
(12) ‘सातवाहन’ कौन थे? उत्तर – सातवाहन शासकओं का ग्रुप है !जिनकी
शक्ति का केंद्र प्रतिष्ठान य पैठन (महाराष्ट्र)था ! सातवाहनों की उत्त्पति और
मूल प्रदेश पर विद्वानों में बहुत मतभेद है ! उनका उदगम स्थल आंध्रप्रदेश
माना जाता है ! आरंभ में वे
दक्षिण-पशिचम में निवास करते थे परन्तु बाद में पूर्वी तट पर भी उन लोगों ने
अधिकार कर लिया !
(13) ‘उत्तरापथ’ से आप
क्या समझते हैं ? उत्तर -
‘उत्तरपथ’ उस व्यापारिक मार्ग को कहा जाता है,जो मौर्योतर युग में बहुत
विख्यात था !यह मार्ग तक्षशिला से प्रारंभ होकर पंजाब, दिल्ली, मथुरा, उज्जैन,
आदि मार्गो से होता हुआ भारत के पशिचमी तट पर स्थित भाड़ोंच नामक बन्दरगाह पर
समाप्त होता था ! (14)‘यवन प्रिय’ से क्या
तात्पर्य है ? उत्तर
- ‘यवन प्रिय’ का अर्थ काली मिर्च नामक मसाले से है
जो यवनों अर्थात् विदेशियों को सबसे अधिक प्रिय थी !
(15) ‘सतक’ शब्द किस
व्यापारिक वस्तु के लिए प्रयुक्त किया गया ? उत्तर -
‘सतक’ एक विशेष प्रकार का वस्त्र होता था जिसका निर्माण मथुरा में होता
था !विदेशों में इस क्स्त्र की बहुत माँग थी ! इसके निर्यात से भारत को विदेशी
व्यापर में बहुत लाभ होता था !
(27) प्राचीन भारत के दो
महाकाव्य कौन –कौन से हैं ? उत्तर - महाभारत और रामायण ! ,महाभारत के
(16) महाभारत की
कथावस्तु क्या है ? उत्तर -
महाभारत की मुख्य कथा दो परिवारों के बीच हुए युद्ध का चित्रण है !कौरव
और पांडव दोनों एक ही परिवार के सदस्य और दो चचेरे भाईयों के समूह थे ! वे एक ही
राजपरिवार अथवा राजवंश से सम्बन्धित थे जो कुरु वंश कहलाता था !महाभारत दोनों
समूहों के मध्य राज्य के लिए संघर्ष (भीषण युद्ध ) की कहानी है !
(17) वी. स. सुकथांकर
कौन थे ? उन्होंने क्या किया ? उत्तर -
वी. स. सुकथांकर संस्कृत के प्रसिद्ध विद्वान् थे !1919 ई० में उनके
नेतृत्व में एक महत्त्वाकांक्षी योजना का प्रारम्भ हुआ !अनेक विद्वान ने मिलकर
महाभारत का एक समालोचनात्मक संस्करण तैयार करने का निश्चय किया !
(18)परिवार किसे कहते हैं ? उत्तर -
संस्कृत ग्रन्थओं में ‘कुल’ शब्द का प्रयोग परिवार के लिए किया गया है !परिवार
के लोग भोजन और अन्य संसाधनों का आपस में मिल- बाँटकर व्यवहार करते हैं , एक साथ
रहते हैं और काम करते हैं और अनुष्ठानों
को साथ ही सम्पादित करते हैं ! पारिवारिक रिश्ते ‘नैसर्गिक’(natural) और
रक्त संबद्ध (blood related)मने जाते
हैं !कुछ समाजों में चचेरे,मौसेरे,ममेरे भाई-बहनों में भी खून का रिश्ता माना
जाता है लेकिन कुछ समाज इसे नहीं मानते हैं !
(19) जाति किसे कहते हैं ? उत्तर -
परिवार एक बड़े समूह का हिस्सा होते है जिन्हें हम सम्बन्धी कहते हैं
!तकनीकी रूप में हम सम्बन्धियों को जाति समूह कह सकते हैं !संस्कृत ग्रन्थों में
‘जाति’शब्द का प्रयोग बांधवों के बड़े समूह के लिए किया गया है !
(20) ‘गोत्र’ शब्द से आप
क्या समझते हैं ? उत्तर ‘गोत्र’ शब्द का अर्थ वंश से है !दुसरे
शब्दों में एक ही पूर्वज की सन्तान पर उत्तराधिकारीयों (वंशज ) को एक ही गोत्र का माना जाता है! अत: वैदिक काल से लेकर आज भी एक ही
गोत्र के लोगों में वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित नहीं हों सकता है क्योंकी दोनों (वर
तथा वधू) की धमनियों में एक ही पूर्वज का रक्त होता है !ऐसा करना नीति संगत नहीं
है !
(21) ‘वर्ण’ शब्द का
क्या तात्पर्य है ? उत्तर – कर्म (कार्यो) के आधार पर आर्यों ने
समाज को चार वर्गो में बाँट दिया जिन्हें वर्ण कहते हैं !आर्यों में
ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य और शूद्र चार वर्ण थे ! (22) उपनयन शब्द से क्या
तात्पर्य है उत्तर - प्राचीन काल में (आज भी) उपनयन जनेऊ धारण
करने का एक संस्कार होता था, जो ब्राह्मण,क्षत्रिय और वैश्य ही धारण कर सकते थे
!शूद्रों को उपनयन संस्कार (जनेऊ धारण करने) का कोई अधिकार नहीं था ! (23) यज्ञ शब्द का अर्थ
स्पष्ट करें ! उत्तर - अग्नि के हवन कुंड के सामने तल्लीनता एवं
तन्मयता से बैठकर पूर्ण भक्ति-भाव से मंत्रोच्चारण करना तथा किसी निशिचत
उद्देश्य की प्राप्ति के लिए अग्नि में आहुतियाँ डालना यज्ञ कहलाता है ! (24) वैदिक काल में राजाओं द्वारा आयोजित किये जानेवाले दो
यज्ञों का नाम लिखें ! उत्तर – (1) राजसूय यज्ञ (2)
अश्वमेघ यज्ञ ! (25)वाजपेय शब्द से आप क्या समझते हैं
? उत्तर -प्राचीन काल में ‘वाजपेय’
नामक एक यज्ञ होता था जिसमें रथ-दौड़ होती थी!राजा को अपना रथ सरदारों के रथों से
आगे दौड़ना पड़ता था! इस प्रकार के यज्ञों
से प्रजा के मन पर राजा की महिमा और शक्ति की अद्भूत छाप पडती थी ! (26) पितृवंशिकता का
क्या अर्थ है ? उत्तर - पितृवंशिकता का अर्थ है वह वंश परम्परा जो
पिता केपुत्र,पुत्र,प्रपौत्र आदि से चलती है ! (27) मातृवंशिकता से
क्या समझते हैं ? उत्तर - माँ से जुड़ी वंश परम्परा मातृवंशिकता कहलाती
है ! (28) अंतर्विवाह किसे
कहते है ? उत्तर - अंतर्विवाह में वैवाहिक संबंध समूह के अन्दर
ही होते हैं !यह समूह एक गोत्र कुल अथवा एक जाति या फिर एक ही स्थान पर बसने
वालों का हो सकता है !
(29) 5वी.एवं 7वी. शताब्दी में भारत
आनेवाले चीनी बौद्ध यात्रियों का उल्लेख करें ? उत्तर – 5वी. शताब्दी में चीनी
यात्री फाहियान तथा 7वी. शताब्द में ह्वेनसांग
का भारत आगमन हुआ था ! (30) वर्द्धमान महावीर
का जन्म कब और कहाँ हुआ था ? उत्तर – उनका जन्म 540 ई० पू. में वैशाली के निकट कुण्डग्राम में हुआ था
! (31) ‘जैन’ शब्द का क्या
अर्थ है ? उत्तर – ‘जैन’ शब्द संस्कृत के
‘जिन’ शब्द से निकला है ! ‘जिन’ का शाब्दिक अर्थ है –विजेता ! परन्तु जिन शब्द
का यहाँ उस विजेता से तात्पर्य है जिसने अपनी इंद्रियों और विषय-वासनाओं पर
नियन्त्रण कर आध्यात्मिक विजय उपलब्ध की हों ! इस प्रकार ‘जिन’ का अर्थ
‘जितेन्द्रिय’ है ! अत: जैन धर्म से तात्पर्य है जितेन्द्रिय का धर्म या उनके
द्वारा प्रसारित धर्म !
(32) जैन धर्म में ‘निर्ग्रन्थ’ किसे
कहा जाता है ? उत्तर – जैन धर्म में जैन
महात्माओं को ‘निर्ग्रन्थ’ कहा जाता है !निर्ग्रन्थ से तात्पर्य है सांसारिक
ग्रन्थियों या बन्धनों से मुक्त महात्मा या संत ! ये अपने सद्कर्मो से समस्त
सांसारिक बन्धनों को तोड़ देते थे ! (33) बौद्ध धर्म में
महाभिनिष्क्रमण क्या है ? उत्तर - वैराग्य भावना उत्पन्न होने के पश्चात् 25
वर्ष की अल्प आयु में सिद्धार्थ गौतम ने गृह –त्याग किया !बौद्ध धर्म में इस घटना को महाभिनिष्क्रमण
कहा जाता है ! |
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