प्रयोजनमूलक हिन्दी भाषा / pryojnmulk hindi bhashaa
हिन्दी भाषा में प्रयोजनमूलक शब्द दो शव्द के मेल से बना है - “प्रयोजन” और “मूलक” | प्रयोजन का अर्थ – ‘कामकाज की उदेश्य’ और मूलक का अर्थ – ‘सम्बन्धित’ है| यानि यहाँ प्रयोजनमूलक का अर्थ है – कामकाज की उदेश्य को सफलतापूर्वक सम्पन्न करने से सम्बन्धित शव्दावली है, इसे प्रयोजनमूलक हिन्दी भाषा कहते हैं |
हिन्दी भाषा के प्रयोजनमूलक रूप को “प्रयोजनमूलक हिन्दी” के नाम पर समझे जाते हैं, क्योंकि प्रयोजन का अर्थ उदेश्य में निहित है | इससे “व्यवहारी” और “कामकाजी” हिन्दी भी कहा जाता है, क्योंकि हमारी प्रयोजन यानि उदेश्य हमारे ‘व्यावहार’ और ‘कामकाज’ पर निर्भर है| हमारी व्यावहारिक और कामकाज के विभिन्न क्षेत्र हैं जो दैनिक जीबनोपयोगी है|
कुछ लोगों का अतीत में भ्रम था
की प्रयोजनमूलक हिन्दी के लिए खास शब्द ध्वनि निकलती है और तर्क है कि निष्प्रयोजन
हिन्दी के स्वरूप भी है, जो फंक्सनल या व्यावहारिक है, परन्तु ऐसी बात नही है,
हिन्दी भाषा का वह शव्दावली जो हमारे दैनिक, व्यावहारिक रूप से अपने कार्य
क्षेत्रों जैसे विभिन्न कार्यलयों (मनोरंजनिक, खेल-कूद, व्यावसायिक, प्रशासनिक आदि
अनेक हमारे दैनिक जीवन-यापन के उपयोगी कार्यलयों) में कार्य को सफलतापूर्वक
सम्पन्न करने के लिए जो शव्दावली प्रयोग की जाती है, उससे “प्रयोजनमूलक हिन्दी”
कहा जाता है |
इस प्रकार प्रयोजनमूलक हिन्दी भाषा का रूप ‘व्यावहारिक’, ‘कामकाजी’ है| हमारे प्रयोजन या उदेश्य को सफलतापूर्वक सम्पन्न करने का भाषिक रूप है|
महत्त्वपूर्ण प्रश्न / abjective question -
(1) 'प्रयोजनमूलक हिन्दी' का दूसरा नाम क्या है ?
ans - व्यावहारिक हिन्दी, कामकाजी हिन्दी, फंक्सनल हिन्दी और व्यावसायिक हिन्दी
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