Thursday, January 20, 2022

सर्वनाम और भेद /srvnaam or bhed

                                               सर्वनाम और भेद /srvnaam or bhed

संज्ञा के स्थान पर प्रयोग में आनेवाले शब्दों को ‘सर्वनाम’ कहते हैं | सर्वनाम का अर्थ है – सभी का नाम | इसे ‘संज्ञा-प्रतिनिधि’ भी कहा जाता है | इसके मुख्य भेद छ: हैं -

(1)  पुरुषवाचक (2)  निजवाचक (3) निश्चयवाचक (4)अनिश्चयवाचक (5) सम्बन्धवाचक (6) प्रश्नवाचक

 

1.   पुरुषवाचक – नाम (स्त्री या पुरुष) के बदले प्रयोग की जाने वाले शब्द पुरुषवाचक सर्वनाम कहते है | जैसे - मैं, तू, वह, आप |

क.  उत्तम पुरुष – नाम के बदले वक्ता के रूप में प्रयोग की जाती है | जैसे - मैं सत्य बोलता हूँ |

ख.  मध्यम पुरुष – नाम के बदले श्रोता के रूप में प्रयोग की जाती है | जैसे - तुम सत्यवादी हो |

ग.  अन्य पुरुष – नाम के बदले वक्ता और श्रोता से किसी और के लिए प्रयोग की जाती है | जैसे - वह धार्मिक है |

              2. निजवाचक – वैसे सर्वनाम जो निजता का बोध कराये | जैसे - आप

                     (क). संज्ञा या सर्वनाम के निश्चय के लिये | जैसे – मैं आप (स्वयं) देखा लूँगा |

                     (ख). भिन्नता दिखने के लिये | जैसे – स्याम अपने को सुधार रहा है |

                     (ग). निजत्व पर अधिक बल देने के लिये | जैसे – क्या वह अपने-आपको भूल गये |

                      (घ). साधारण अर्थ में | जैसे – आप भला तो जग भला |

             3. निश्चयवाचक – वैसे सर्वनाम जो निश्चय का बोध कराये | जैसे –  यह, वह, सो | यह कौन है ?

              4. अनिश्चयवाचक – वैसे सर्वनाम जो अनिश्चय का बोध कराये | जैसे – कोई, कुछ | कोई आया होगा | पानी में कुछ है |

              5.  सम्बन्धवाचक – वैसे सर्वनाम जो एक सर्वनाम से दुसरे सर्वनाम के सम्बन्ध का बोध कराये | जैसे – जो, सो, | जो आया है, सो जाएगा |

              6. प्रश्नवाचक – वैसे सर्वनाम जो प्रश्न का बोध कराये | जैसे – कौन, क्या | कौन आया? क्या चाहिये ?  

 

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